बजट 2026 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम खबर सामने आई है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़े खर्चों के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया है। इससे साफ है कि वेतन और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सरकारी स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (department of expenditure) की डिमांड फॉर ग्रांट्स में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के नाम से बजट लाइन दिखाई दी है।
पिछले एक साल में कब-कब क्या-क्या हुआ?
| तारीख | क्या हुआ? |
| 15 जनवरी 2025 | आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा |
| 28 अक्टूबर 2025 | आयोग के गठन का आधिकारिक ऐलान |
| 3 नवंबर 2025 | आयोग का आधिकारिक टर्म ऑफ रेफरेंस जारी |
| 20 जनवरी 2026 | आठवें वेतन आयोग को आधिकारिक ऑफिस मिला |
| 28 जनवरी 2026 | चीफ विजिलेंस अधिकारी की नियुक्ति |
| 01 फरवरी 2026 | आयोग के लिए 23.42 करोड़ रुपए आवंटित |
आयोग को मिला कितना पैसा, कहां होगा खर्च?
बजट 2026-27 में इसके लिए 23.42 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें से लगभग 21.32 करोड़ रुपए राजस्व व्यय (revenue expenditure) और 2.10 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) के तौर पर रखे गए हैं।
यह पैसा आयोग के गठन, स्टाफ, दफ्तर, रिसर्च और प्रशासनिक खर्चों के लिए होता है। अभी यह वेतन बढ़ोतरी का पैसा नहीं, बल्कि आयोग के काम शुरू करने की तैयारी का बजट है।
सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा जल्द करेगी सरकार
इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आने वाले समय में 50 लाख से केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करने जा रही है। आम तौर पर वेतन आयोग महंगाई, जीवन-यापन लागत, कर्मचारियों की जरूरत और सरकार की वित्तीय स्थिति को देखकर नई वेतन सिफारिशें देता है। बाद में इन्हीं सिफारिशों के आधार पर बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते और पेंशन में बदलाव होते हैं।
बेसिक और फैमिली पेंशन में हो सकती है बढ़ोतरी
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसका मतलब भविष्य में बेसिक वेतन बढ़ने की संभावना है, जिससे DA, HRA और दूसरे भत्ते भी बढ़ते हैं। पेंशनर्स के लिए नई सिफारिशें लागू होने पर बेसिक और फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल बजट में सिर्फ आयोग के कामकाज के लिए शुरुआती धनराशि दी गई है, लेकिन यह साफ संकेत है कि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अब कागज से आगे बढ़ चुकी है। आने वाले सालों में इसकी सिफारिशें ही तय करेंगी कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब में कितनी बढ़ोतरी पहुंचेगी।
“तो अब 200 दिन में रिपोर्ट तैयार करे आयोग”
आयोग को मिले इस फंड को लेकर ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पेटल की प्रतिक्रिया भी आई है। उन्होंने कहा कि, “आयोग के कामकाज के लिए वित्त मंत्रालय ने 23.42 करोड़ रुपए फंड की व्यवस्था कर दी है। उम्मीद है अब आयोग जल्द से जल्द ऑफिस में काम करना शुरू करेगा और कर्मचारियों के हित में मिशन 200 दिनों में ही रिपोर्ट तैयार करके भारत सरकार को सौंपेगा ताकि और अधिक देरी से बचा जा सके। पहले से ही आयोग के आधिकारिक गठन और फंड जारी करने में एक साल की देरी हो चुकी है और कर्मचारियों का भरोसा टूट रहा है।”
















