चांदी ने मंगलवार को बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी। अचानक आई तेज़ी से न सिर्फ निवेशक चौंक गए, बल्कि कमोडिटी मार्केट की धड़कनें भी तेज हो गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 6 जुलाई की रात करीब 9 बजे चांदी की कीमत में 3.85% यानी 9,562 रुपये की जोरदार उछाल देखने को मिली। इसके साथ ही चांदी का भाव 2,56,450 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया, जो अब तक का ऑल-टाइम हाई है।
हालांकि रिकॉर्ड बनाने के बाद चांदी में हल्की मुनाफावसूली दिखी और यह फिसलकर 2,55,248 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड करती नजर आई। दिन के कारोबार के दौरान चांदी का निचला स्तर 2,46,888 रुपये रहा, जबकि पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,46,155 रुपये प्रति किलो था।
अचानक क्यों बढ़ी चांदी किमत?
बाजार जानकारों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में आई इस तेज़ उछाल के पीछे कई अहम वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से कीमती धातुओं की मांग में इजाफा हुआ है। इसके अलावा अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने निवेशकों को सेफ-हेवन एसेट्स की ओर आकर्षित किया।
वहीं, चीन द्वारा 1 जनवरी से लागू किए जाने वाले नए नियमों को लेकर भी बाजार में हलचल है, जिसका सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा है। दूसरी ओर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की मजबूत औद्योगिक मांग ने भाव को अतिरिक्त सपोर्ट दिया। सोने में जारी तेजी का असर भी चांदी पर देखने को मिला, क्योंकि दोनों धातुओं की चाल अक्सर एक जैसी रहती है।
2026 में कहां तक जाएगी कीमत?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, 2025 जैसी तेज़ रफ्तार 2026 में देखने को मिलना थोड़ा मुश्किल है। हालांकि, इस साल चांदी की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है। इस दौरान बाजार में करेक्शन भी देखने को मिल सकता है।
उनका मानना है कि चांदी का बेस प्राइस करीब 1,50,000 रुपये प्रति किलो रह सकता है, जबकि ऊपरी स्तर पर भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच सकता है।
निवेश करना सही या इंतजार बेहतर?
एक्सपर्ट्स नए निवेशकों को फिलहाल चांदी में निवेश से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। बाजार में संभावित गिरावट को देखते हुए चांदी का बेस प्राइस 1,50,000 रुपये प्रति किलो तक आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
जब कीमतें स्थिर हो जाएं, तब एसआईपी के जरिए निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है। चांदी में निवेश के लिए सिल्वर ईटीएफ की बजाय म्यूचुअल फंड एसआईपी को ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।
















