कई बार मोबाइल पर अचानक UPI से पैसे कटने का मैसेज आ जाता है और समझ नहीं आता कि भुगतान आखिर कहां हुआ। न तो आपने कोई ऑनलाइन खरीदारी की होती है और न ही किसी को पैसे ट्रांसफर किए होते हैं, फिर भी डेबिट का अलर्ट मिल जाता है। ऐसे मामलों में इसकी एक बड़ी वजह UPI अकाउंट से जुड़ा AutoPay सब्सक्रिप्शन हो सकता है।
अक्सर हम OTT प्लेटफॉर्म, मोबाइल रिचार्ज, म्यूजिक स्ट्रीमिंग या दूसरी डिजिटल सेवाओं के लिए ऑटो पेमेंट की सुविधा चालू कर देते हैं और बाद में उसे भूल जाते हैं। जब तक हमें इसका ध्यान आता है, तब तक खाते से पैसे कट चुके होते हैं। इसलिए जरूरी है कि पहले यह समझा जाए कि आखिर AutoPay का यह छिपा हुआ सिस्टम कैसे काम करता है।
क्या है AutoPay का छुपा खेल?
ऑटो पे की सुविधा यूजर्स की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है, लेकिन यह सुविधा कभी-कभी नुकसान का कारण भी बन जाती है। ट्रायल खत्म होने के बाद भी सब्सक्रिप्शन जारी रहता है। ऑटो पे एक से ज्यादा ऐप पर एक्टिव होने से कई बार तो ध्यान ही नहीं रहता की आखिर ये कहां से पैसे कट रहे हैं। ये सभी चीजें मिलकर खर्च को काफी बढ़ा सकती हैं। इसके बाद महीने के अंत में कुछ लोगों को ध्यान आता है कि उनके खाते से बेवजह कितने पैसे कट गए हैं लेकिन आप इसे सरकारी पोर्टल की मदद से बहुत आसानी से मैनेज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे
सरकारी पोर्टल से करें पूरा मैनेजमेंट
दरअसल, NPCI इस समस्या का आसान समाधान पेश कर रहा है। एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.upihelp.npci.org.in) से यूजर्स उनके अकाउंट से संबंधित सभी ऑटो पे पेमेंट मैनेज कर सकते हैं। बस आपको यहां जाकर अपने फोन नंबर से लॉगिन कर लेना है। इसके बाद यहां आपको अलग-अलग UPI एप की सेटिंग में भटकने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। बस यूपीआई से जुड़े आपके सभी ऑटो पे एक ही जगह दिख जाएंगे।
इसके अलावा, आप यहां से किसी भी AutoPay को सीधे पॉज या हटा भी सकते हैं। AutoPay को Pause करने पर वह कुछ समय के लिए बंद रहेगा, जबकि Revoke करने पर संबंधित सब्सक्रिप्शन पूरी तरह कैंसिल हो जाएगा। इस तरह आप अपने खाते से बिना जानकारी कट रहे पैसों को आसानी से रोक सकते हैं और अनचाहे खर्च से बचाव कर सकते हैं।















