छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी गई दवा खाने के बाद कुछ स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार यह घटना लखनपुर विकासखंड के ग्राम कोसंगा की है। यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत मितानिन ने स्कूल के 39 बच्चों को फाइलेरिया की टैबलेट खिलाई थी। यह अभियान जिलेभर में संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत बच्चों और ग्रामीणों को दवा दी जा रही है।
दवा खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि दवा लेने के कुछ ही समय बाद चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को चक्कर, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी। जैसे ही स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, तुरंत परिजनों और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया।
अस्पताल में जारी है उपचार
स्थिति को देखते हुए चारों बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर अन्य बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच की जा रही है, जिन्होंने दवा का सेवन किया था।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि दवा के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी। विभाग का कहना है कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवाएं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दी जाती हैं।
जिले में चल रहा है उन्मूलन अभियान
गौरतलब है कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को दवा खिलाई जा रही है, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके। हालांकि इस घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आ सकेगा।
















