आर्थिक मोर्चे पर देश के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के शुरुआती आकलन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी 7.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है। यह दर पिछले वित्त वर्ष की 6.5 फीसदी वृद्धि के मुकाबले करीब 0.9 फीसदी अधिक है।
बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है। खास तौर पर विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की बेहतर स्थिति को इस तेज ग्रोथ का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों में बताया गया है कि विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में करीब 7 फीसदी की वृद्धि दर हासिल होने का अनुमान है। सरकार को उम्मीद है कि इन सेक्टर्स की मजबूती से समग्र आर्थिक विकास को नई गति
सेवा क्षेत्र में जोरदार वृद्धि
MoSPI के मुताबिक, “सेवा क्षेत्र में जोरदार वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित वास्तविक सकल मूल्य वृद्धि (GAV) 7.3 प्रतिशत का एक प्रमुख चालक पाया गया।”
हालांकि, कृषि और उससे जुड़े हुए क्षेत्र, बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्रों में 31 मार्च को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में मध्यम वृद्धि देखने का अनुमान है।
केंद्रीय बजट के तैयारी में उपयोग होगा अग्रिम अनुमान डेटा
मंत्रालय ने कहा कि नॉमिनल जीडीपी या मौजूदा कीमतों पर जीडीपी 2025-26 के दौरान 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। अग्रिम अनुमान के डेटा का उपयोग केंद्रीय बजट की तैयारी में किया जाता है, जिसे 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
















