पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने लाल किला बम धमाके से जुड़े मामले में सात आरोपितों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एनआईए की मांग पर इन सभी आरोपितों को 13 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जिन आरोपितों की हिरासत बढ़ाई गई है, उनमें आदिल राथर, शाहीन सईद, मुजम्मिल गनई, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, यासिर अहमद डार और नसीर बिलाल मल्ला शामिल हैं।
एनआईए के मुताबिक, जासिर बिलाल वानी को पिछले साल 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उसने आतंकी हमलों के लिए तकनीकी मदद दी थी। वानी पर ड्रोन में बदलाव करने और रॉकेट बनाने की कोशिशों में शामिल रहने का भी आरोप है। बताया गया है कि ये तैयारियां 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए आत्मघाती हमले के लिए की गई थीं, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी।
एनआईए का कहना है कि यासिर अहमद डार जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और वह आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी का करीबी सहयोगी था। आरोप है कि उमर उन नबी विस्फोटकों से भरी कार लेकर लाल किले के बाहर पहुंचा था और उसने ही धमाका किया था।
वहीं, नसीर बिलाल मल्ला पर आरोप है कि उसने उमर उन नबी को पनाह दी, उसे जरूरी मदद मुहैया कराई और हमले से जुड़े सबूत मिटाने में भी भूमिका निभाई। एनआईए अब तक इस मामले में कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।
















