छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित हो रहे ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मेला क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में 15 दिनों तक शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह कदम मेले की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक माहौल को शांतिपूर्ण रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शराब और मांस-मटन की बिक्री पर भी रोक
राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयागराज कहा जाता है। आज से यहां 15 दिवसीय भव्य राजिम कुंभ कल्प 2026 की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें देशभर से साधु-संत और लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शराब के साथ-साथ मांस और मटन की बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।
‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ में CM साय को न्योता
छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर उन्हें राजिम कुंभ कल्प 2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस दौरान मंत्री ने मेले की तैयारियों, आयोजन की भव्यता और इसके धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी।
नाम परिवर्तन को लेकर जारी है चर्चा
हालांकि मेले का नाम अब ‘राजिम कुंभ (कल्प) 2026’ कर दिया गया है, लेकिन राजिम क्षेत्र में कई सूचना बोर्ड अब भी पुराने नाम ‘राजिम पुन्नी मेला’ के साथ लगे नजर आ रहे हैं। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद माघी पुन्नी मेला का नाम बदलकर राजिम कुंभ किया गया था, जिसको लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा अभी तक सभी बोर्ड अपडेट नहीं किए गए हैं।
सरकार के इस फैसले से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को शांत और पवित्र वातावरण में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने में सुविधा मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि शराब और मांस की बिक्री पर रोक से धार्मिक माहौल और बेहतर होगा और यह भव्य आयोजन पूरी गरिमा के साथ संपन्न होगा।
















