दिल्ली में पिछले 12 सालों से नए राशन कार्ड जारी नहीं हुए हैं। आखिरी बार साल 2013 में राशन कार्ड बनाए गए थे। इसकी वजह से करीब 3,89,883 आवेदन अब तक लंबित हैं। अब एक बार फिर नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद राशन कार्ड धारकों का वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें 6,46,123 लाभार्थी अपात्र पाए गए।
इन अपात्र लोगों के अलावा डुप्लीकेशन, मृत्यु, शहर छोड़कर जाने या अन्य कारणों से आठ लाख से ज्यादा राशन कार्ड धारकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। जितने नाम हटे हैं, उतने ही नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब जिन परिवारों की सालाना आय 1.20 लाख रुपये तक है, वे राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा गरीबों का अधिकार है और सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी जरूरतमंद को सिस्टम की खामियों की वजह से भूखा न रहना पड़े। नए नियमों के तहत प्राथमिकता वाले परिवारों की पहचान के लिए आय सीमा को ज्यादा व्यावहारिक बनाया गया है। अब राजस्व विभाग से जारी आय प्रमाण पत्र जरूरी होगा और सेल्फ-सर्टिफिकेशन की व्यवस्था खत्म की जा रही है।
जिला स्तर पर तय होगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राशन कार्ड के लिए “पहले आओ, पहले पाओ” की व्यवस्था नहीं रहेगी। इसके बजाय आवेदन की जांच, मंजूरी और प्राथमिकता जिला स्तर की समितियां तय करेंगी, ताकि सबसे जरूरतमंद परिवारों को पहले लाभ मिल सके।
जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (DM) या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) करेंगे। समिति में स्थानीय विधायक और संबंधित अधिकारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा 20 प्रतिशत आवेदकों की वेटिंग लिस्ट बनाई जाएगी, ताकि खाली होने वाली जगहों को समय रहते भरा जा सके।
किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
A से E कैटेगरी की कॉलोनियों में मकान मालिक, इनकम टैक्स भरने वाले, चार पहिया वाहन के मालिक (आजीविका के लिए इस्तेमाल होने वाले एक कमर्शियल वाहन को छोड़कर), सरकारी नौकरी करने वाले सदस्य वाले परिवार और 2 kW से ज्यादा बिजली कनेक्शन वाले परिवार इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
वेरिफिकेशन में सामने आईं गड़बड़ियां
राशन कार्ड धारकों की सूची की जांच के बाद आठ लाख से ज्यादा गलत नाम हटाए गए। इनमें 6,46,123 लोग ऐसे थे, जिनकी आय ज्यादा होने के बावजूद वे सब्सिडी वाला राशन ले रहे थे। वहीं 95,682 लोगों के पास राशन कार्ड तो था, लेकिन वे राशन नहीं ले रहे थे। इसके अलावा 23,394 नाम डुप्लीकेट पाए गए और 6,185 नाम मृत लोगों के थे। करीब 56,372 लोगों ने खुद ही अपना नाम सूची से हटाने का अनुरोध किया। इन सभी कारणों से कुल 8,27,756 से ज्यादा जगहें खाली हो गई हैं।















