हेनले पासपोर्ट इंडेक्स हर साल दुनिया के देशों की पासपोर्ट रैंकिंग जारी करता है। इस रैंकिंग से यह समझा जा सकता है कि किसी देश का पासपोर्ट अपने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा में कितनी स्वतंत्रता देता है। इसके जरिए यह भी पता चलता है कि किसी पासपोर्ट पर कितने देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा की जा सकती है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। 2026 की नई रैंकिंग भी सामने आ चुकी है, जिसमें एक बार फिर मजबूत और कमजोर पासपोर्ट की स्थिति साफ हो गई है।
दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की टॉप-10 कमजोर पासपोर्ट सूची में एशिया के 9 देशों के नाम शामिल हैं। इस सूची में सोमालिया इकलौता अफ्रीकी देश है, जो अफ्रीका के पूर्वी हिस्से में स्थित है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में चार ऐसे देश भी शामिल हैं, जिनकी सीमा भारत से लगती है—बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान।
- उत्तर कोरिया
- फिलिस्तीनी क्षेत्र
- बांग्लादेश
- नेपाल
- सोमालिया
- पाकिस्तान
- यमन
- इराक
- सीरिया
- अफगानिस्तान
किस नंबर पर भारत?
कमजोर पासपोर्ट होने से नुकसान
- ज्यादातर इंटरनेशनल ट्रिप्स के लिए पहले से वीजा के लिए आवेदन करना होता है, क्योंकि बिना वीजा के अचानक या कम समय में यात्रा करना मुश्किल हो जाता है।
- लंबी यात्राओं के लिए के वीजा अपॉइंटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है, जिससे लोगों को इसके लिए प्लानिंग कई महीनों पहले से करनी पड़ती है।
- एप्लीकेशन फी, दूतावास या वाणिज्य दूतावास की यात्रा और अतिरिक्त पेपर वर्क से यात्रा की कुल लागत में काफी इजाफा हो जाता है।
















