होली फेस्टिवल पर घर जाने के लिए यूपी–बिहार रूट की कई अहम ट्रेनों में अभी से सीटें फुल हो चुकी हैं। जी हां, होली का उत्साह कुछ ऐसा होता है कि हर साल इस दौरान कंफर्म टिकट के लिए जबरदस्त मारामारी देखने को मिलती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि रंग-गुलाल और गुझिया का यह त्योहार साल 2026 में कब मनाया जाएगा और इसकी सही तारीख क्या है, ताकि आप पहले से ही छुट्टियों की प्लानिंग कर सकें और ट्रेन या फ्लाइट की टिकट समय पर बुक कर लें।
होलिका दहन 2026 कब है?
होली दो दिनों तक मनाया जाने वाला पर्व है, जिसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है। यह अनुष्ठान बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भद्रा रहित मुहूर्त में किया जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक, वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च को पड़ रही है और इसी दिन प्रदोष काल में होलिका दहन किया
कब है 2026 की होली?
होलिका दहन के अगले दिन होली का त्योहार मनाया जाता है, जिसे रंग वाली होली भी कहते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 की होली मार्च 4, 2026 (बुधवार) को है. पूरे भारत के परिदृश्य की बात करें, तो होली दीपावली के बाद हिन्दुओं का दूसरा सबसे मुख्य त्यौहार है. लेकिन यदि केवल यूपी और बिहार की बात करें, तो यह छठ पर्व के बाद सबसे बड़ा त्योहार है, जिसमें एन्जॉय करने के लिए लोग घर जरूर जाना चाहते हैं.
क्यों मनाते हैं होली?
होली का त्यौहार हिंदू पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है. इसे मुख्य रूप से प्रह्लाद और होलिका की कहानी की याद में मनाया जाता है. इस कहानी में बुराई पर अच्छाई की जीत होती है. इसके साथ ही, होली भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम को भी याद दिलाती है. इस दिन लोग रंग और उल्लास के साथ खुशियां मनाते हैं. इसलिए होली को बुराई पर अच्छाई और प्रेम की जीत के रूप में मनाया जाता है.
















