चालू वित्त वर्ष में देश में चीनी उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्पादन बढ़ने के बीच शुगर इंडस्ट्री ने आगामी बजट को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बजट में ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे चीनी उद्योग पर बढ़ते वित्तीय दबाव को कम किया जा सके।

उद्योग की मांग है कि यूनियन बजट 2026-27 में बायोफ्यूल और क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाया जाए और जरूरी पॉलिसी सपोर्ट दिया जाए, ताकि चीनी सेक्टर की वित्तीय चुनौतियों से निपटा जा सके।
चीनी उद्योग की क्या है मांगे?
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने बुधवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह GST को पूरी तरह से तर्कसंगत बनाए और बायोफ्यूल और क्लीन मोबिलिटी इकोसिस्टम में उत्सर्जन कम करने, किसानों की आजीविका की रक्षा करने, कच्चे तेल के आयात को कम करने और नेट 0 की ओर भारत की यात्रा को तेज करने के लिए लक्षित नीतिगत सहायता प्रदान करे।
ISMA ने चीनी के मिनिमम सेलिंग प्राइस (MSP) में जल्दी बदलाव की अपनी मांग दोहराई है, यह तर्क देते हुए कि लागत के हिसाब से MSP तय करना फाइनेंशियल हालत सुधारने, किसानों को समय पर गन्ने का पेमेंट सुनिश्चित करने और मार्केट में स्थिरता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। और इससे सरकार पर कोई एक्स्ट्रा फाइनेंशियल बोझ भी नहीं पड़ेगा।

159.09 लाख टन तक पहुंचा चीनी का उत्पादन
15 जनवरी, 2026 तक, पूरे भारत में चीनी का उत्पादन 159.09 लाख टन तक पहुंच गया है। यह पिछले साल इसी समय के 130.44 लाख टन से लगभग 22% अधिक है।
चालू चीनी मिलों की संख्या भी बढ़कर 518 हो गई है, जबकि एक साल पहले इसी समय यह संख्या 500 थी, जो प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्रशिंग में लगातार प्रगति को दिखाता है।
चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र सबसे आगे
महाराष्ट्र चीनी उत्पादन के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर सामने आया है। यहां चीनी का उत्पादन 64.50 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 51 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन में यह तेज़ बढ़ोतरी क्रशिंग रेट के बढ़ने और चालू चीनी मिलों की संख्या में इजाफे के चलते हुई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में 46.05 लाख टन चीनी का उत्पादन दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा, कर्नाटक ने भी इस सीजन में अब तक चीनी उत्पादन में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
















