Union Budget 2026 से पहले के ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। कमजोर बाजार माहौल और तिमाही नतीजों का असर कई शेयरों पर पड़ा, जिसमें फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) का शेयर भी शामिल है।
शुक्रवार को स्विगी के शेयरों में करीब 8 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले गुरुवार, 29 जनवरी को कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही नतीजों में कंपनी को 1,065 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही में हुए 799 करोड़ रुपये के नुकसान से ज्यादा है। इसी बढ़ते घाटे का असर शेयर पर साफ दिखाई दिया।
नुकसान बढ़ने से शेयर पर दबाव
शुक्रवार को स्विगी के शेयर NSE पर 7.78 प्रतिशत गिरकर इंट्राडे लो 302.15 रुपये तक पहुंच गए। शेयर की शुरुआत गैप-डाउन के साथ हुई थी और शुरुआती कारोबार में ही इसमें 5.69 प्रतिशत की गिरावट आ गई थी, जो बाद में और बढ़ गई। यह गिरावट लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद देखने को मिली। पिछले सेशन में स्टॉक 327 रुपये पर बंद हुआ था।
कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट में लगातार बढ़ते नुकसान और ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA द्वारा स्टॉक को डाउनग्रेड किए जाने से भी शेयर पर दबाव बढ़ा। हालांकि नुकसान बढ़ा है, लेकिन कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू मजबूत रहा। दिसंबर तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,148 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 3,993 करोड़ रुपये था।
ब्रोकरेज की राय मिली-जुली
ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से स्विगी के तिमाही नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। CLSA ने कंपनी की रेटिंग को ‘होल्ड’ में डाउनग्रेड कर दिया है और प्राइस टारगेट घटाकर 335 रुपये कर दिया है। वहीं, मॉर्गन स्टेनली ने स्विगी पर अपनी ‘इक्वलवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 414 रुपये से घटाकर 375 रुपये कर दिया है।
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, फूड डिलीवरी बिजनेस स्थिर बना हुआ है और ग्रोथ 18–20 प्रतिशत के दायरे में रही है। हालांकि क्विक कॉमर्स सेगमेंट में ग्रोथ की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, क्योंकि कंपनी ने तेजी से विस्तार के बजाय क्वालिटी पर फोकस किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आगे स्टॉक की री-रेटिंग साफ प्रॉफिट विजिबिलिटी पर निर्भर करेगी।
















