जनवरी के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 3 से 9 जनवरी 2026 के बीच बाजार में तेज करेक्शन दर्ज किया गया, जिससे नए साल की शुरुआती तेजी पर ब्रेक लग गया। साल की शुरुआत रिकॉर्ड स्तरों के आसपास करने वाला निफ्टी 50, हफ्ते के अंत तक लगातार दबाव में नजर आया। अब ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाला सप्ताह शेयर बाजार (Stock Market Outlook) के लिए कैसा रह सकता है।
निफ्टी 50 के अहम टेक्निकल लेवल
सप्ताह के अंत में निफ्टी 50 करीब 25,700–25,900 के दायरे में बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि इंडेक्स अपने प्रमुख सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। फिलहाल 25,600 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। अगर बाजार इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो अगला सपोर्ट 25,400 के आसपास देखा जा सकता है। वहीं, किसी भी रिकवरी की स्थिति में निफ्टी को 25,800 से 26,200 के बीच कड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि बाजार अब ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति के करीब पहुंच चुका है, जिससे तकनीकी आधार पर हल्की रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन स्थिरता आने तक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बैंक निफ्टी के लिए 59,000 का लेवल निर्णायक
बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी का दबाव बना हुआ है। बैंक निफ्टी 60,500–61,500 के रेजिस्टेंस जोन को पार करने में नाकाम रहा और इसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिली। बैंक निफ्टी के लिए 59,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे बंद होता है, तो गिरावट बढ़कर 58,000 तक जा सकती है। वहीं, बाजार में दोबारा मजबूती के संकेत के लिए बैंक निफ्टी का 59,500 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।
गिरावट के मुख्य कारण
अमेरिकी टैरिफ का डर
अमेरिका द्वारा संभावित नए 500 फीसदी टैरिफ की आशंका ने निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है।
FII की निकासी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ा।
मुनाफावसूली
ऊंचे स्तरों पर बड़े शेयरों में हुई प्रॉफिट बुकिंग ने बिकवाली के दबाव को और तेज कर दिया।
वैश्विक अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के कारण निवेशकों ने जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षित रुख अपनाना बेहतर समझा।
वर्तमान परिदृश्य में ‘चुनिंदा’ (selective) दृष्टिकोण अपनाना ही समझदारी है। किसी भी नई दिशात्मक स्थिति (directional position) को बनाने से पहले बाजार के स्थिर होने और तकनीकी स्तरों के पुख्ता होने का इंतजार करना जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
















