नए साल की शुरुआत में बेटियों के भविष्य के लिए निवेश करने वाले लोगों के मन में एक सवाल यह उठता है कि क्या सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर में बढ़ोतरी हुई है? इसका उत्तर है- नहीं। वित्त मंत्रालय ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दर को 8.2% सालाना पर स्थिर रखा है। यह जानकारी 31 दिसंबर 2025 को जारी की गई, जिसमें अन्य छोटी बचत योजनाओं की दरों का भी उल्लेख किया गया।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दर में फिलहाल किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में भी इस योजना पर 8.2 प्रतिशत ब्याज ही मिलता रहा। यानी 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस लोकप्रिय बचत योजना की ब्याज दर पूरी तरह स्थिर बनी हुई है और निवेशकों को पहले जैसी ही दर का लाभ मिल रहा है।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) विशेष रूप से बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक सरकारी बचत योजना है। इस योजना के अंतर्गत 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में खाता खोला जा सकता है। फिलहाल इसमें 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है, जो हर साल कंपाउंड होता है। मौजूदा दौर में यह रिटर्न कई बड़े बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से भी अधिक है, इसी कारण माता-पिता और अभिभावकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
सरकार के अनुसार, SSY, PPF और SCSS जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सेकेंडरी मार्केट में समान अवधि के सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड को आधार बनाकर तय की जाती हैं। यही वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद फिलहाल इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और दरों में स्थिरता देखने को मिल रही
कौन खोल सकता है खाता?
सुकन्या समृद्धि योजना का खाता बच्ची के माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला जाता है, बशर्ते बच्ची की उम्र उस समय 10 साल से कम हो। एक परिवार में सामान्य तौर पर दो बेटियों के नाम पर ही खाते खोले जा सकते हैं। हालांकि जुड़वां या एक साथ तीन बच्चियों के जन्म की स्थिति में तय शर्तों के साथ अतिरिक्त खाते खोलने की अनुमति भी मिलती है। बच्ची के 18 वर्ष पूरे होने तक खाते का संचालन अभिभावक करता है, इसके बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने पर बच्ची खुद खाता चला सकती है।
















