इन दिनों सोशल मीडिया पर 500 रुपये के नोट को लेकर चर्चा तेज है। कुछ पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मार्च 2026 से एटीएम में 500 रुपये के नोट मिलने बंद हो जाएंगे। इस दावे के बाद लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है। लेकिन अब सरकार ने इस पर स्थिति साफ कर दी है।
दरअसल, पिछले साल सरकार ने छोटे नोटों को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसके तहत बैंकों को निर्देश दिए गए थे कि एटीएम में 100 और 200 रुपये जैसे छोटे मूल्य के नोटों की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि रोजमर्रा के लेन-देन में लोगों को सुविधा मिल सके। कई बैंकों ने इस दिशा में कदम भी उठाए।
हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि 500 रुपये के नोट को बंद किया जा रहा है या एटीएम से हटाया जा रहा है।
क्या है हकीकत?
सोशल मीडिया पर चल रहे दावे को सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB ने पूरी तरह गलत बताया है। PIB ने स्पष्ट किया है कि 500 रुपये के नोट को बंद करने या एटीएम से हटाने की कोई योजना नहीं है। यह खबर पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
500 रुपये का नोट अभी भी लीगल टेंडर
PIB ने यह भी साफ किया कि 500 रुपये के नोट पूरी तरह वैध हैं और पहले की तरह लेन-देन में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से उसकी पुष्टि जरूर करें।
इससे पहले भी 500 रुपये के नोट या नोटबंदी को लेकर कई बार अफवाहें फैलाई जा चुकी हैं, जिन्हें सरकार खारिज करती रही है। जून में भी PIB ने साफ किया था कि मार्च 2026 में नोटबंदी से जुड़ा कोई दावा सही नहीं है और यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
















