छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। करीब सात साल पहले भूमिपूजन होने के बाद भी इस परियोजना पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है, जिससे इलाके के लोगों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बना हुआ है।
7 साल बाद भी काम शुरू नहीं
इस रेल लाइन परियोजना को अब तक राजपत्र में प्रकाशित नहीं किया गया है और न ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। ऐसे में सरकार और जनप्रतिनिधियों के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रगति नहीं दिख रही है।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह रेल लाइन बनने के बाद खैरागढ़ जिला, कवर्धा जिला और मुंगेली जिला जैसे क्षेत्रों को पहली बार सीधा रेल कनेक्शन मिलेगा। इससे यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी और व्यापार, पर्यटन व रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
दूसरी परियोजना में दिख रही प्रगति
वहीं राजनांदगांव जिला के परमालकसा से खरसिया तक प्रस्तावित दूसरी रेल लाइन परियोजना में प्रगति हो रही है। इसका राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
रेल मंत्री से मुलाकात
राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस लंबित परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग की। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
ट्रेनों के स्टॉपेज की भी मांग
सांसद ने क्षेत्र में ट्रेन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी है। इनमें भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस, हटिया एक्सप्रेस (लोकमान्य तिलक-हटिया), पुरी-गांधीधाम और पुरी-अजमेर ट्रेन शामिल हैं।
रेल मंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है, लेकिन अब क्षेत्र के लोग इस परियोजना के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।















