छत्तीसगढ़ में एक तरफ जहां सुरक्षा बल और पुलिस के जवान नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर रहे है तो दूसरी तरफ माओवादी अपनी संभावित मौत के डर से आत्मसमर्पण भी कर रहे है। बात करें 2025 में आत्मसमर्पण की तो इस साल 164 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके है। इनमे बड़े नक्सल लीडर से लेकर छोटे सदस्य शामिल है। कई सरेंडर करें वाले नक्सलियों ने बताया कि उनके साथी भी हथियार छोड़ने का मन बना चुके है लेकिन माओवादी पार्टी के बड़े नेताओं के डर से वे जंगलों से बाहर नहीं आ पा रहे है।
50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
इस बीच नारायणपुर से एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां पुलिस के सामने 16 नक्सलियों ने हथियार डाले है। सरेंडर करने वालों में मिलिशिया डिप्टी कमांडर, जनताना सरकार सदस्य और नक्सलियों के न्याय शाखा का अध्यक्ष भी शामिल है। इस समर्पण के बाद पुलिस ने बताया कि, सरेंडर करें वाले नक्सलियों को तात्कालिक तौर पर 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि सौंपी गई है। वही सभी नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत रोजगार, आवास और समुचित सुरक्षा भी मुहैय्या कराई जाएगी।
छत्तीसगढ़ में किस जिले से नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया?
नारायणपुर जिले से 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों को क्या सहायता दी गई है?
सभी को ₹50,000 तात्कालिक सहायता व पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं दी जाएंगी।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कौन-कौन शामिल थे?
मिलिशिया डिप्टी कमांडर, जनताना सरकार सदस्य, न्याय शाखा अध्यक्ष समेत 16 माओवादी शामिल थे।
















