नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। बाढ़ में 130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। इनमें ज्यादातर लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। घटना का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग जान बचाने के लिए भागते दिखाई दे रहे हैं और अगले ही पल मलबे के साथ आया तेज पानी सबकुछ तबाह कर देता है। बताया जा रहा है कि यह बाढ़ तिब्बत से शुरू हुई थी। इसने कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। कई जरूरी पुल बह गए और करीब एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि तिब्बत इलाके में सुबह 8:37 बजे स्थानीय समय के अनुसार भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों के कारण ग्लेशियर टूटने से बाढ़ आई होगी। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ भोटे कोशी नदी के रास्ते आई और तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिलों को प्रभावित किया। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और नदी के उफान के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी से त्रिशूली नदी तक भारी बाढ़ आ गई।
130 से ज्यादा भारतीय लापता
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 130 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की खबर है। कई अन्य लोग भी अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं। इनमें मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री शामिल हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन जारी की है। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के अनुसार, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे।
चीन में तीन लोगों की मौत
नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि देश में अचानक आई बाढ़ में 157 लोगों की मौत हुई है। नेपाल सरकार के मुताबिक करीब 500 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं चीन के सरकारी CGTN न्यूज़ चैनल ने बताया कि बॉर्डर के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई है और 265 लोग लापता हैं।
















