छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय 21 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है। इन सभी पर कुल ₹76 लाख का इनाम घोषित था।
वरिष्ठ अधिकारियों के सामने किया आत्मसमर्पण
इन माओवादियों ने बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ के डीआईजी आनंद राजपुरोहित और सुकमा के एसपी किरण चव्हाण की मौजूदगी में सरेंडर किया। इस दौरान उन्होंने AK-47, SLR, INSAS राइफल समेत कई आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक सुरक्षा बलों को सौंपे।
सुरक्षा दबाव और सरकार की नीति से बदला फैसला
अधिकारियों के मुताबिक, ये माओवादी दरभा डिवीजन और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय थे। लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, सुरक्षा बलों की सख्ती और राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
पुनर्वास योजना के तहत मिलेगी मदद
सरेंडर करने वाले सभी माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन जी सकें।
सुकमा में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
















