सरकार की ओर से जारी किए गए मसौदा इनकम टैक्स नियमों में कई बड़े और अहम बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। नए नियम लागू होने पर कैश लेनदेन, प्रॉपर्टी और वाहन खरीद, होटल और इवेंट से जुड़े भुगतान में पैन कार्ड से जुड़े नियम बदल जाएंगे। इसके अलावा कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं की वैल्यू तय करने के तरीके में बदलाव और क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए इनकम टैक्स विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य किया जाएगा। मसौदे में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को भी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव है।
CBDT ने जारी किए मसौदा नियम
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को आम बजट पेश किया था। बजट के कुछ दिनों बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 से जुड़े मसौदा नियम और फॉर्म सार्वजनिक टिप्पणी के लिए जारी किए हैं।
कब और कहां पैन होगा जरूरी ?
मिन्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित इनकम टैक्स नियम, 2026 के तहत अगर किसी व्यक्ति के एक या अधिक बैंक खातों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा की नकद जमा या निकासी होती है, तो पैन देना अनिवार्य होगा। मौजूदा नियमों में एक दिन में 50 हजार रुपये से अधिक नकद लेनदेन पर पैन की जरूरत होती है।
वाहन खरीद पर पैन नियम में बदलाव
नए नियमों के मुताबिक, वाहन खरीदते समय पैन की सीमा भी बदली जा रही है। यदि कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये से अधिक कीमत की कार या बाइक खरीदता है, तो उसे पैन नंबर देना होगा। अभी बाइक खरीदने पर पैन जरूरी नहीं होता, जबकि कार की कीमत चाहे कम ही क्यों न हो, पैन देना अनिवार्य है।
प्रॉपर्टी और अन्य भुगतानों पर नया नियम
अचल संपत्ति की खरीद, बिक्री, गिफ्ट या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के लिए मौजूदा 10 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा होटल या रेस्टोरेंट का बिल, कन्वेंशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट सेवाओं के लिए 1 लाख रुपये से ज्यादा के भुगतान पर पैन देना जरूरी होगा। फिलहाल यह सीमा 50 हजार रुपये है।















