17 फरवरी को कुंभ राशि में ग्रहण लगने जा रहा है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य और चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि ग्रहण के समय संबंधित ग्रह की शक्ति कमजोर हो जाती है, जिसका असर वातावरण के साथ-साथ सभी राशियों पर भी पड़ता है।
इसी वजह से ग्रहण के दिन कुछ काम करने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जिन्हें करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। ऐसे में जानिए ग्रहण के दिन क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी हैं।
सूर्य ग्रहण के दिन क्या करें
- सूर्य ग्रहण के दिन आपको सूर्य देव के मंत्रों का तेज आवाज में उच्चारण करना चाहिए। ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:’ और ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- ग्रहण वाले दिन आप सूर्य ग्रह के मंत्रों के साथ ही अन्य देवी-देवताओं के मंत्रों का भी जप कर सकते हैं। इस दिन गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से भी आपको लाभ मिलता है।
- ग्रहण वाले दिन योग-ध्यान और आध्यात्मिक साधना करने से भी अच्छे परिणाम आपको प्राप्त होते हैं और ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव दूर होता है।
- धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन भी आप ग्रहण वाले दिन कर सकते हैं। इसके साथ ही जप-तप और मंत्र जाप के लिए ग्रहण वाला दिन शुभ माना गया है।
- ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए तथा घर के मंदिर में रखे सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों पर भी गंगाजल का छिड़काव करके स्नान कराना चाहिए।
- साथ ही सूर्य ग्रहण के बाद स्नान आदि से निवृत होकर दान अवश्य करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
- ग्रहण के दौरान चारों तरफ बहुत अधिक निगेटिविटी फैल जाती है इसलिए घर में सभी पानी के बर्तन में, दूध और दही में कुश या तुलसी की पत्ती या दूब धोकर डालनी चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद दूब को निकालकर फेंक देना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दिन क्या न करें
- सूर्य ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और ना ही सूर्य ग्रहण को कभी भी डायरेक्ट आंखों से देखना चाहिए।
- ग्रहण के समय रसोई से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, खासकर कि खाना नहीं बनाना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें विभिन्न प्रकार के काम नहीं करना चाहिए। जैसे- सुई में धागा नहीं डालना चाहिये।
- कुछ काटना, छीलना नहीं चाहिये। कुछ छौंकना या बघारना नहीं चाहिये।
- इसके अलावा ग्रहण के समय मंदिर के मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण वाले दिन आपको दिन में सोने से भी बचना चाहिए, सोने की बजाया मंत्र जप या ईश्वार का ध्यान आपको करना चाहिए।
- ग्रहण के दिन आपको अपने घर के मंदिर को भी लाल या पीले कपड़े से ढक देना चाहिए और ग्रहण खत्म होने के बाद पर्दे को हटाना चाहिए।
















