पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार देर रात पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुछ सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किए जाने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इसके जवाब में तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया देने का दावा किया है।
तालिबान का कहना है कि उसने पाकिस्तान के एक एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों देशों की सीमा पर झड़पें तेज हो गई हैं और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
तालिबान के बड़े दावे
तालिबान ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में उसने पाकिस्तान के 55 सैनिकों को मार गिराया और 15 से ज्यादा सैनिकों को बंधक बना लिया है। इसके अलावा तालिबान ने यह भी कहा कि उसने पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है।

वहीं, तुर्की मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एक हमले में तालिबान के शिक्षा मंत्री नदी मुहम्मद की मौत हो गई है, हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अफगान नेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सुलैमानखिल ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने ही बनाए हालात का सामना कर रहा है और हमलों में आम नागरिकों की जान जा रही है।
वहीं, अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारी डैनियल एल. डेविस ने भी पाकिस्तान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिस ताकत को पहले समर्थन देता रहा, अब वही उसके खिलाफ हो गई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच शांति की अपील भी की।
ईरान ने दिया बातचीत का सुझाव
इस मुद्दे पर अब्बास अराघची ने कहा कि रमज़ान के महीने में दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए और बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने चाहिए।
खुले संघर्ष की चेतावनी
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। उन्होंने तालिबान पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान को दूसरे देशों का प्रॉक्सी बना रहा है।
वहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और हर चुनौती का जवाब दिया जाएगा।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता नजर आ रहा है और सीमा पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई
















