छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत का आदेश जारी किया गया।
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में तेजी से सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद निर्धारित समय सीमा में सुनवाई पूरी कर निर्णय सुनाया गया।
याचिका में सौम्या चौरसिया की ओर से गिरफ्तारी और पूरी कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस मामले में अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करते हुए सशर्त जमानत मंजूर की है। हालांकि, जमानत की शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
गौरतलब है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में 3200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ था। इसके बाद एसीबी में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में कई राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आए थे।
एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन सरकार के दौरान IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क में बड़ी रकम का लेन-देन हुआ, जिसकी जांच अभी भी जारी है।
















