इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी हैं। युद्ध का आज नौवां दिन है और फिलहाल इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के नेतृत्व को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि या तो ईरान सरेंडर कर दे, वरना हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है। ईरान का कहना है कि वह अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने तक लड़ाई जारी रखेगा और दुश्मन को अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देगा। इस बीच भारत मिडिल ईस्ट में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में लगा हुआ है।
तेहरान के पास तेल टैंकरों में लगी आग
अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के पास तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाया। हमले के बाद कच्चा तेल सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम में फैल गया, जिससे सड़कों पर आग फैलने जैसी स्थिति बन गई। सामने आए वीडियो में तेल भंडारण सुविधाओं में अभी भी आग जलती हुई दिखाई दे रही है।
ट्रंप का दावा- ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही उनकी वायुसेना के विमानों और कई मिसाइल सिस्टम को भी खत्म कर दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भी काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की सेना पर और बड़ा हमला भी कर सकता है, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी
युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांगी। हालांकि इसके बावजूद ईरान की ओर से पीछे हटने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने शुरू किए प्रयास
भारत सरकार ने कहा है कि वह मिडिल ईस्ट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक क्षेत्र में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद अब तक 52,000 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
विदेश मंत्रालय ने जारी की हेल्पलाइन
- भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू की है।
- विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में रह रहे भारतीयों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
- भारतीय दूतावास और मिशन की ओर से जारी एडवाइजरी पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है।















