मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सोने-चांदी के दाम में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, चांदी की कीमत 6,000 रुपये (लगभग 2.34%) बढ़कर 2,62,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं, 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमतों में तीन दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और सोने की कीमत में 1,050 रुपये (लगभग 1%) की तेजी दर्ज हुई, जो अब 1,61,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्राफा बाजार में यह उछाल भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण आया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, घरेलू बाजार में रुपये के कमजोर होने से सोने की कीमतों को वैश्विक कमजोरी से अलग होने में मदद मिली है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के अगले संकेतों तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
दिलीप परमार के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में तनाव से निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ते हैं। इससे तेल की कीमतें बढ़ती हैं और महंगाई के डर को बढ़ावा मिलता है, जो केंद्रीय बैंकों को सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 5,003.68 डॉलर प्रति औंस और चांदी 80.46 डॉलर प्रति औंस पर रही।
सोने की तेजी पर सीमित असर
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी से ब्याज दरों में कटौती में देरी हो सकती है, जिससे सोने की कीमतों में तीव्र बढ़ोतरी की संभावना सीमित रहेगी। निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा बाजार की दिशा के साथ-साथ, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की आगामी बैठक के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
















