छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू होने जा रही है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अहम माना जा रहा है। नए नियमों के तहत, अगर किसी शादी, पार्टी या अन्य आयोजन में 100 से ज्यादा मेहमान शामिल होते हैं, तो आयोजकों को कम से कम 3 दिन पहले स्थानीय नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा।
ऑन-द-स्पॉट फाइन का प्रावधान
इस पॉलिसी में सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। कचरा गलत तरीके से फेंकने या नियमों का पालन न करने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक हो सकता है, जो स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार तय होगा।
कचरे का 4 हिस्सों में अलग-अलग करना जरूरी
नए नियमों के मुताबिक अब घर, दुकान और संस्थानों में कचरे को चार हिस्सों में अलग करना अनिवार्य होगा। इसमें गीला कचरा (जैसे खाने के अवशेष), सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, धातु), सैनिटरी कचरा (डायपर, नैपकिन) और खतरनाक कचरा (बैटरी, बल्ब, दवाइयां) शामिल हैं। इससे कचरे के सही निपटान और रीसाइक्लिंग में मदद मिलेगी।
आयोजन और वेंडरों के लिए नए नियम
100 से ज्यादा लोगों के कार्यक्रम के लिए पहले से सूचना देना जरूरी होगा, ताकि कचरे के निपटान की व्यवस्था की जा सके। वहीं, सड़क किनारे चाट-पकौड़े या सब्जी बेचने वाले वेंडरों को भी अपने पास डस्टबिन रखना होगा और कचरा इधर-उधर फेंकने की अनुमति नहीं होगी।
बड़े संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ी
बड़े आवासीय सोसाइटी, होटल, अस्पताल और विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को अब अपने स्तर पर ही कचरे का प्रबंधन करना होगा। साथ ही, कचरा बीनने वालों को पंजीकरण कर पहचान पत्र दिए जाएंगे, ताकि वे सिस्टम का हिस्सा बन सकें।
लैंडफिल में सिर्फ बेकार कचरा ही जाएगा
नए नियमों के तहत अब लैंडफिल में केवल वही कचरा डाला जाएगा, जिसे दोबारा इस्तेमाल या रीसायकल नहीं किया जा सकता। कचरे की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम भी लागू किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि ये नए नियम पुराने 2016 के नियमों से ज्यादा सख्त और प्रभावी हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाले इन नियमों के लिए लोगों से अपील की गई है कि वे घर में कचरा अलग-अलग रखने की व्यवस्था करें और स्वच्छता में सहयोग दें।
















