बेंगलुरु से लंदन हीथ्रो जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट सोमवार को अचानक चर्चा में आ गई, जब उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी की आशंका के चलते इसे बीच रास्ते जेद्दा की ओर डायवर्ट करना पड़ा। यह विमान करीब 6 घंटे तक हवा में रहा, जिसके बाद एहतियात के तौर पर पायलट ने तय रूट बदलने का फैसला लिया।
एयरलाइन के आधिकारिक बयान के मुताबिक, 23 मार्च को एअर इंडिया की फ्लाइट एआई133 बेंगलुरु (BLR) से लंदन हीथ्रो (LHR) के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिलने पर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को जेद्दा की ओर मोड़ दिया गया। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह से एहतियातन लिया गया और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
भारतीय समयानुसार शाम 7 बजकर 58 मिनट पर विमान जेद्दा एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हो गया। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों और चालक दल ने राहत की सांस ली। सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया और उनकी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
एयरलाइन ने यह भी बताया कि फिलहाल विमान का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि खराबी के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। तकनीकी टीम हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले एक-दो महीनों में एअर इंडिया की उड़ानों से जुड़े कई तकनीकी और ऑपरेशनल मुद्दे सामने आए हैं। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं एविएशन सेक्टर में चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
इससे पहले 19 मार्च को दिल्ली से वैंकूवर (कनाडा) जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई185 को भी उड़ान के कई घंटे बाद वापस लौटना पड़ा था। जानकारी के मुताबिक, इस उड़ान में इस्तेमाल किया गया बोइंग 777 विमान कनाडा के लिए जरूरी अनुमति के बिना ही ऑपरेट किया जा रहा था। इसे एयरलाइन की एक बड़ी चूक माना गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी खामियों और ऑपरेशनल गड़बड़ियों की बार-बार सामने आ रही घटनाओं से एयरलाइंस को अपनी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि यात्रियों का भरोसा कायम रखा जा ।















