पिछले साल दिसंबर में IndiGo में आई गंभीर परिचालन दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इस बार नागर विमानन अधिकारियों ने फ्लाइट्स की मंजूरी देने में सतर्क रुख अपनाया है। इसी वजह से पिछले साल की तुलना में इस बार इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन्स में करीब 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। एक सूत्र के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय और DGCA नहीं चाहते कि दिसंबर 2025 जैसी स्थिति फिर से बने। एयरलाइंस का ग्रीष्मकालीन शेड्यूल विमानों, पायलटों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही मंजूर किया गया है।
हर हफ्ते करीब 2,561 फ्लाइट्स कम उड़ाएगा इंडिगो
डोमेस्टिक समर शेड्यूल में इंडिगो पिछले साल की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम उड़ानों का संचालन करेगा। DGCA ने 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक के लिए 9 एयरलाइन कंपनियों का घरेलू ग्रीष्मकालीन शेड्यूल जारी किया है। पिछले साल 2025 में हर हफ्ते करीब 25,610 फ्लाइट्स ऑपरेट होती थीं, जबकि इस बार लगभग 2,561 उड़ानों की कटौती के बाद यह संख्या घटकर करीब 23,049 रह जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस बार मंजूरी देते समय अधिकारियों ने विशेष सावधानी बरती है।
विमान और पायलट बढ़ने पर मिल सकती है राहत
सूत्रों के अनुसार, जब एयरलाइंस के पास पर्याप्त विमान और पायलट उपलब्ध होंगे, तब फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी जा सकती है। दिसंबर 2025 में IndiGo को बड़े स्तर पर परिचालन समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी। इसके बाद DGCA ने विंटर शेड्यूल में भी 10 प्रतिशत कटौती कर दी थी।
फिलहाल, मौजूदा ग्रीष्मकालीन शेड्यूल में इंडिगो अप्रैल से रोजाना करीब 2,000 फ्लाइट्स के साथ ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में है।
















