1 अप्रैल 2026 से देशभर में कई अहम वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ेगा। इन बदलावों में टोल भुगतान से लेकर ATM चार्ज, PAN नियम और डिजिटल पेमेंट तक कई बड़े अपडेट शामिल हैं।
FASTag सालाना पास महंगा
National Highways Authority of India (NHAI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए FASTag सालाना पास की फीस में बढ़ोतरी की है। 1 अप्रैल से इसकी कीमत ₹75 बढ़ाकर ₹3,000 से ₹3,075 कर दी गई है।
ATM से कैश निकालना पड़ेगा महंगा
HDFC Bank ने ATM ट्रांजैक्शन नियमों में बदलाव किया है। अब UPI के जरिए ATM से कैश निकालना भी मुफ्त ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल होगा। लिमिट खत्म होने के बाद हर ट्रांजैक्शन पर ₹23 और टैक्स देना होगा।
फिलहाल, बैंक अपने ग्राहकों को 5 फ्री ट्रांजैक्शन देता है, जबकि दूसरे बैंकों के ATM पर मेट्रो में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा है।
PAN कार्ड के नियम बदले
1 अप्रैल से PAN कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब सिर्फ आधार के जरिए आवेदन नहीं किया जा सकेगा। अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग फॉर्म अनिवार्य कर दिए गए हैं—जैसे व्यक्तियों के लिए फॉर्म 93 और कंपनियों के लिए फॉर्म 94।
डिजिटल पेमेंट पर 2FA जरूरी
Reserve Bank of India (RBI) के निर्देशों के मुताबिक अब सभी डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम सभी बैंक और नॉन-बैंकिंग संस्थाओं पर लागू होगा।
मील कार्ड पर टैक्स छूट बढ़ी
नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले मील कार्ड/वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई है। अब प्रति मील ₹200 तक की छूट मिलेगी, जो पहले ₹50 थी। इसके तहत कर्मचारी सालाना ₹1 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं।
इन नए नियमों का असर सीधे तौर पर आम लोगों की जेब, डिजिटल लेन-देन और टैक्स प्लानिंग पर देखने को मिलेगा।















