नेपाल में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। बुधवार तड़के करनाली प्रांत के मुगु जिले में रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र मुगु जिले के धैनाकोट इलाके में था। इसके झटके हुमला, जुमला और कालिकोट समेत आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए।
इससे पहले 29 मार्च 2026 को भी नेपाल में भूकंप आया था। उस समय सिन्धुपालचोक जिले में 4.5 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था, जिसका केंद्र नुल्थाला खर्का क्षेत्र के पास था। इस भूकंप के झटके राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए थे।
नेपाल भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह हिमालय पर्वत श्रृंखला के नीचे स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। इसी वजह से यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं और बड़े भूकंप का खतरा भी बना रहता है।
दरअसल, पृथ्वी की ऊपरी परत कई टेक्टोनिक प्लेट्स में बंटी हुई है। ये प्लेट्स लगातार हलचल करती रहती हैं। जब इनके बीच दबाव ज्यादा बढ़ जाता है, तो अचानक ऊर्जा निकलती है, जिससे धरती कांपती है। इसी प्रक्रिया को भूकंप कहा जाता है।
















