दिल्ली NCR में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 3 जून, बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली NCR से पुराने ट्रक और बसें हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा 5 और बड़े फैसले हुए हैं।
दिल्ली NCR में पुराने ट्रक और बसें हटेंगे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए लगातार कई कदम उठाए जा रहे हैं। इन्हीं उपायों के तहत एक बड़ा फैसला लिया गया है। करीब 40 प्रतिशत प्रदूषण ट्रांसपोर्ट से होता है जिसमें सबसे ज्यादा भारी ट्रकों और बसों से होता है, इसलिए पुराने ट्रकों और बसों को हटाने का फैसला किया गया है।
ATF मूल्य स्थिरीकरण कोष
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण ATF (विमानन टरबाइन ईंधन) की कीमत बढ़ गई है, जिसका असर विमानन क्षेत्र पर पड़ रहा है। इस प्रभाव को कम करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ATF मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया गया है।
39 हजार 290 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट मंजूर
मोदी कैबिनेट मीटिंग में 39 हजार 290 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इस पैकेज में से 24 हजार 249 करोड़ रुपये सिर्फ नई सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। इन परियोजनाओं से ओडिशा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और बिहार में परिवहन बेहतर होगा।
ओडिशा में कोस्टल हाइवे
पूर्वी तट पर कनेक्टिविटी बेहतर करने और पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रामेश्वर, कोणार्क और पारादीप को जोड़ने वाले कोस्टल हाइवे के निर्माण को कैबिनेट ने हरी झंडी दी गई है। इसके लिए 8301 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
तेलंगाना में फोरलेन प्रोजेक्ट
दक्षिण भारत में औद्योगिक परिवहन को तेज करने के लिए तेलंगाना में NH-63 और NH-563 के अलग-अलग हिस्सों को फोरलेन करने का फैसला हुआ है। इस प्रोजेक्ट के लिए 7,597 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे अपग्रेडेशन
मध्य भारत में सड़क नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए NH-347B के जरूरी अपग्रेडेशन के लिए 4,415 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृति की गई है।
बिहार में फोरलेन प्रोजेक्ट
बिहार में खगड़िया से पूर्णिया तक NH-31 और NH-231 के सेक्शन को फोरलेन करने के लिए 3,936 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
















