तमनारः जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार द्वारा विश्व एड़स दिवस 01 दिसम्बर 2025 के अवसर पर ’विश्व एड्स दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयंत्र प्रवेश द्वार, गेट क्रमांक 01, 02, 03, राबो बांध परिक्षेत्र, सीएचपी एवं गारे पालमा कार्यालय प्टध्प्ए प्टध्प्प् प्टध्प्प्प् माइंस प्रक्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों एवं ट्रकर्स को रेड रिबन, बैच, पाम्प्लेट का वितरण कर विश्व एड़स व एचआईव्ही/एड्स के संबंध में जागरूक करने का प्रयास किया गया। वहीं शास.उमावि कुंजेमुरा में विद्यार्थियों के मध्य जनजागकता कार्यक्रम का आयोजन कर इस वर्ष के थीम ’व्यवधान पर काबू पाना, एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन लाना’ पर परिचर्चा की गई। जिंदल फाउण्डेशन, जेपीएल तमनार ’विश्व एड्स दिवस’ के अवसर पर क्षेत्र में आमजनमानस, युवाओं व ट्रकर्स को जागरूक करने के लिए विश्व एड्स जागरूकता पखवाड़ा दिनांक 01 से 07 दिसम्बर 2025 तक निकटस्थ विभिन्न ग्रामों में सामुहिक परिचर्चा, वार्ता, गोष्ठी, नुक्कड नाटक के साथ पाम्प्लेट वितरण का आयोजन कर विश्व एड़स के प्रति जागरूकता के प्रयास किये जायेगें।
बहरहाल आज हम अनेक घातक बीमारियों से कुछ हद तक अपने आप को सुरक्षित रखने में सफल हुए हैं लेकिन एचआईव्ही/एड्स से नहीं। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन नाको की 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में लगभग 25 लाख व्यक्ति एचआईव्ही के साथ जीवन व्यतीत कर रहें हंै। गौरतलब हो कि एचआईव्ही/एड्स एक खतरनाक व जानलेवा बीमारी है। जिसका उपचार आज पर्यंत खोजा नहीं जा सका है। इसका एकमात्र उपचार सर्तकता, जागरूकता एवं समुचित जानकारी है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एचआईव्ही/एड़स पूरे विश्व के लिये एक समस्या बनी हुई है। हमारे देश में एचआईव्ही पोजिटीव लोग अधिकतर 15 से 49 आयुवर्ग के हैं, और इसी आयुवर्ग के लोग देश की उत्पादकता में योगदान करते हंै। ऐसी परिस्थिति में जानकारी ही बचाव का माध्यम है। एचआईव्ही/एड़स के निराकरण का एकमात्र उपाय जनजागरूता है, जिसके माध्यम से इसके प्रसार को रोका जा सकता है।
















