रायपुर | 31 दिसंबर, 2025
छत्तीसगढ़ में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है, जिसके बाद अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
13 दस्तावेजों के साथ करानी होगी सुनवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2003 की सूची से मिलान न होने वाले (अनमैप्ड) मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में कुल 6,40,145 ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं जिनका डेटा मिलान नहीं हो पाया है। इनमें से 5,68,804 मतदाताओं के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष उपस्थित होना होगा। उन्हें आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा, जिसके आधार पर उनके नाम को जोड़ने या हटाने का निर्णय लिया जाएगा।
नाम जोड़ने और संशोधन के लिए फॉर्म की स्थिति
प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद से अब तक राज्य भर में आवेदनों का सिलसिला जारी है:
- नाम जोड़ने हेतु (फॉर्म-6): 19,113 आवेदन प्राप्त।
- नाम विलोपन हेतु (फॉर्म-7): 384 आवेदन प्राप्त।
- संशोधन हेतु (फॉर्म-8): विवरण सुधारने के लिए मतदाता इस फॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
वे मतदाता जिन्होंने गणना पत्र नहीं भरा था, वे भी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से घोषणा पत्र के साथ अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां (Timeline)
निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित की है:
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विवरण |
निर्धारित तिथि |
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दावा एवं आपत्ति की अवधि |
23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 |
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दावों का निराकरण/सुनवाई |
14 फरवरी 2026 तक |
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मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन |
21 फरवरी 2026 |
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए साप्ताहिक आधार पर दावा-आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम विलोपन की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।















