देश की जानी-पहचानी यूपीआई ऐप फोनपे अब जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। शेयर बाजार को नियंत्रित करने वाली संस्था सेबी ने कंपनी को आईपीओ (Initial Public Offer) लाने की मंजूरी दे दी है।

इस संबंध में कंपनी जल्द ही यूडीएचआरपी (UDHRP) दस्तावेज दाखिल करेगी। यह जानकारी पीटीआई को सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों के अनुसार, यह आईपीओ ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) के तहत लाया जाएगा। कंपनी इसमें कोई फ्रेश इश्यू जारी नहीं करेगी, यानी आईपीओ से मिलने वाली राशि सीधे मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
यूपीआई सेक्टर में फोनपे की मजबूत पकड़
फोनपे का यूपीआई सेक्टर में बड़ा नाम है। कंपनी की यूपीआई बाजार में 45 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में फोनपे ने करीब 9.8 अरब लेनदेन प्रोसेस किए। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 7,115 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था।
फोनपे के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और दूसरी फिनटेक कंपनियों के लिए भी पब्लिक मार्केट में आने का रास्ता आसान होगा।
क्या है आईपीओ न मिलने का कारण?
अगर ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति हो। ये तब होता है जब कंपनी के द्वारा निकाले गए आवेदन से ज्यादा उन्हें अलॉटमेंट के लिए रिक्वेस्ट मिले।
- अगर एक आदमी ने एक से ज्यादा अलॉटमेंट के लिए अप्लाई किया हो।
- अगर डिमैट अकाउंट में दी गई पैन, बैंक डिटेल गलत या अधूरी हो।
- अगर पैन और बैंक अकाउंट में दी गई डिटेल अलग-अलग हो।
क्या ध्यान रखें?
अगर कोई आईपीओ निवेशकों के बीच काफी पॉपुलर हो गया है, तो ऐसी स्थिति में एक लॉट के लिए ही अप्लाई करना ठीक रहेगा।
- अपने चांस बढ़ाने के लिए अलग-अलग पैन नंबर से अप्लाई करें। जैसे फैमिली और दोस्तों के पैन नंबर से अप्लाई करें।
- हाई प्राइस बैंड पर बोली लगाए।
- आईपीओ खुलने के पहले दिन ही अप्लाई कर दें।
















