थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। एक तरफ दर्शक फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और फिल्म निर्माताओं के बीच मामला अब भी अटका हुआ है।
मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में विजय की आखिरी बताई जा रही फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज और सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह अपील CBFC की ओर से दायर की गई थी, जिसमें एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें फिल्म को ‘U/A’ सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए गए थे।
कब आएगा कोर्ट का फैसला?
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा थी कि ‘जना नायकन’ 26 जनवरी के आसपास सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। हालांकि, अब जब हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई की तारीख भी तय नहीं की गई है, तो इन अटकलों पर विराम लग गया है। फिलहाल, 26 जनवरी को फिल्म की रिलीज की संभावना नजर नहीं आ रही है।
सुनवाई के दौरान CBFC ने दलील दी कि फिल्म को सर्टिफिकेट देने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि बोर्ड के चेयरपर्सन ने अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया है। बोर्ड ने यह भी कहा कि फिल्म में सुझाए गए कट्स अंतिम नहीं थे।
हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा निर्णय
मद्रास हाईकोर्ट ने CBFC की उस अपील पर फैसला सुरक्षित रखा है, जिसमें विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ को ‘U/A’ सर्टिफिकेट देने के सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी गई थी। करीब तीन घंटे से ज्यादा चली सुनवाई के बाद भी फिल्म के भविष्य और रिलीज डेट को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है, जिससे विजय के प्रशंसकों में निराशा देखी जा रही है।
क्या है ‘जना नायकन’ विवाद?
‘जना नायकन’ को थलापति विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। यह फिल्म पहले 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। कहा जा रहा है कि इस फिल्म के बाद विजय पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे।
हालांकि, रिलीज से ठीक पहले CBFC ने फिल्म को मंजूरी नहीं दी और इसकी रिलीज रोक दी गई। शुरुआत में सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 16 कट्स के साथ ‘U/A’ सर्टिफिकेट देने का फैसला किया था, लेकिन बाद में एक शिकायत मिलने के बाद बोर्ड के चेयरपर्सन ने इस पर रोक लगा दी। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा।
फिल्म की तय रिलीज डेट यानी 9 जनवरी को एकल न्यायाधीश ने CBFC को फिल्म को सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया था। लेकिन बाद में मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने CBFC की अपील पर सुनवाई करते हुए उस आदेश पर रोक लगा दी।
















