मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने किसानों के हित में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। इसके तहत प्रदेश के तीन श्रेणियों के किसानों को धान बेचने के लिए अतिरिक्त दो दिन का समय दिया गया है। अब 5 और 6 फरवरी 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी को लेकर अहम आदेश जारी किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, जिन किसानों का धान तय समय में नहीं खरीदा जा सका था, उन्हें यह अतिरिक्त मौका दिया गया है।
किस किसानों को मिलेगा लाभ?
सरकारी आदेश के मुताबिक, पहले धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तय थी। अब इसमें दो दिन की बढ़ोतरी की गई है। यह सुविधा खास तौर पर उन किसानों को मिलेगी—
- जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया था।
- जिन किसानों ने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया और सत्यापन के बाद भी उनका धान नहीं खरीदा जा सका।
- जिन किसानों को 28, 29 और 30 जनवरी 2026 को टोकन मिला था, लेकिन किसी कारणवश वे धान नहीं बेच पाए थे।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
सरकार ने सभी कलेक्टरों, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के दौरान बारदाने, हमाल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। यह आदेश विभाग के अपर सचिव भूपेंद्र सिंह राजपूत द्वारा जारी किया गया है।
केवल वंचित किसानों से होगी खरीदी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अवधि में सिर्फ उन्हीं किसानों से धान खरीदा जाएगा, जो किसी वजह से पहले धान विक्रय से वंचित रह गए थे। गौरतलब है कि बीते दो महीनों से प्रदेशभर में धान खरीदी का काम चल रहा था और बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सरकारी केंद्रों में बेची। इसके बावजूद कुछ किसान रह गए थे, जिन्हें ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
















