रायगढ़, 7 फरवरी2026।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में ऑनलाइन सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुसौर और कोतरारोड़ थाना पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सट्टा लिखने वाले और अवैध शराब कारोबारी को गिरफ्तार किया है।
पुसौर पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि उपज मंडी पुसौर के पास निरंजन साव नामक व्यक्ति सट्टा पट्टी लिख रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके से पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने रायगढ़ के सट्टा खाईवाल पप्पू बरेठ के कहने पर सट्टा लिखना स्वीकार किया और बताया कि उसे इसके बदले पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी के मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप के जरिए पप्पू बरेठ को ₹28,520 का सट्टा हिसाब भेजने की जानकारी मिली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹700 नगद और एक वीवो मोबाइल जब्त किया। इस मामले में निरंजन साव और पप्पू बरेठ के खिलाफ थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 33/2026 धारा 6(क), 7(1) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी निरंजन साव, पिता बरतराम साव, उम्र 58 वर्ष, निवासी औरदा को रिमांड पर पेश कर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रधान आरक्षक योगेश उपाध्याय और आरक्षक धनुजय चंद बेहरा शामिल रहे।
वहीं कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में ग्राम नवरंगपुर में भीम सिदार के घर शराब को लेकर छापेमारी की गई। इस दौरान आरोपी घर के आंगन में मिला, जबकि शराब खरीदने आए लोग पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी भीम सिदार, पिता रामेश्वर सिदार, उम्र 28 वर्ष, निवासी नवरंगपुर के कब्जे से 10 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत करीब ₹1,000 बताई गई है, जब्त की। आरोपी के खिलाफ थाना कोतरारोड़ में धारा 34(2) और 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल तथा आरक्षक संदीप कौशिक, चुडामणी गुप्ता, टिकेश्वर यादव और राजेश खांडे की अहम भूमिका रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि रायगढ़ जिले में सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी बेझिझक पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
















