अप्रैल 2027 से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने और दाखिल करने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। नए सिस्टम के तहत करदाताओं को पहले से भरा हुआ आईटीआर फॉर्म मिलेगा। अगर फॉर्म में दी गई जानकारी आपकी आय और खर्च के अनुसार सही है, तो केवल एक क्लिक में रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। वहीं, यदि किसी जानकारी से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो उसमें जरूरत के मुताबिक बदलाव करने का विकल्प भी मिलेगा।
यह व्यवस्था नए आयकर कानून के तहत लागू की जा रही है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभाव में आएगा। इसके चलते वित्त वर्ष 2026-27 की आय पर दाखिल किए जाने वाले आईटीआर में यह सुविधा उपलब्ध होगी। अप्रैल से इसे लागू करने का कारण यह भी है कि कई करदाता अग्रिम रूप से टैक्स जमा करते हैं।
बताया जा रहा है कि अगले महीने मार्च में नए इनकम टैक्स कानून को अधिसूचित कर दिया जाएगा। फिलहाल आयकर विभाग ने इस कानून का मसौदा जारी कर लोगों से सुझाव और परामर्श मांगा है। वर्ष 2027 में दाखिल होने वाले आईटीआर में क्रिप्टो संपत्ति से जुड़ी जानकारी देना भी अनिवार्य किया जाएगा।
आगामी वित्त वर्ष से आयकर विभाग क्रिप्टो एक्सचेंज से सीधे क्रिप्टो खरीदने वाले लोगों की जानकारी हासिल करेगा और करदाताओं को भी आईटीआर में यह बताना होगा कि उनके पास क्रिप्टो है या नहीं। विभाग का कहना है कि नए कानून में गैर-जरूरी जानकारियां नहीं मांगी जाएंगी।
आयकर विभाग लोगों की आय का आकलन करने के लिए नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि अनावश्यक रूप से जानकारी न लेनी पड़े। विभाग के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में करीब 1.1 करोड़ अपडेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किए गए हैं। इनमें से कई मामलों में करदाताओं ने अपनी आय कम दिखाई थी, लेकिन वे विभाग की नजर से बच नहीं सके।
नए आयकर कानून के तहत नियमों की संख्या को 511 से घटाकर 333 कर दिया गया है, वहीं फॉर्म की संख्या भी 399 से घटाकर 190 कर दी गई है, जिससे टैक्स सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पैन को लेकर हो रहे ये बड़े बदलाव
- एक दिन में 50 हजार रुपये से अधिक नकद बैंक में जमा करने पर पैन नहीं देना पड़ेगा।
- एक वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक की नकद जमा और निकासी के लिए पैन अनिवार्य होगा।
- होटल, बैंक्वेट या रेस्टोरेंट के एक लाख रुपये से कम के बिल पर पैन जरूरी नहीं, इससे ज्यादा बिल पर अनिवार्य।
- पांच लाख से अधिक रकम की कार खरीदने पर ही पैन देना अनिवार्य होगा। अभी किसी भी कीमत की कार खरीदने पर पैन देना पड़ता है।
- अब 20 लाख रुपये से अधिक की प्रापर्टी खरीदने पर पैन देना होगा। अभी यह सीमा 10 लाख रुपये है।
- मकान भत्ता दावे के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शेयरों की श्रेणी में डाला जाएगा।
- 1600 सीसी तक की गाड़ी के लिए प्रतिमाह 8,000 रुपये, इससे ऊपर क्षमता वाली गाड़ी के लिए प्रतिमाह 10,000 रुपये तक का मोटर भत्ता आयकर के दायरे से बाहर।
- केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDT) को इलेक्ट्रानिक तरीके से भुगतान में स्वीकार किया जाएगा
















