रायगढ़, 11 फरवरी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में मुख्य आरोपी और शातिर बाइक चोर विकेश दास महंत (27 वर्ष), पिता गनपत दास महंत, निवासी सांगीतराई डीपापारा जूटमिल को साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने 9 फरवरी की शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, विकेश पहले भी बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुका था। जेल से छूटने के बाद साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थे। 9 फरवरी को उसे पूंजीपथरा क्षेत्र में संदिग्ध हालत में घूमते देखा गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी को थाना पूंजीपथरा के अपराध क्रमांक 05/2026, 09/2026 और 10/2026 में धारा 303(2) और 112(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार किया गया।
पहले भी हुआ था बड़े गिरोह का खुलासा
1 फरवरी को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह चोरी की बाइक के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बाजार में बेचता था। इस मामले में मुख्य आरोपी मुकेश चौहान समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर 25 चोरी की बाइक, एक एप्पल लैपटॉप और एक कलर प्रिंटर जब्त किया गया था।
फर्जी आरसी और दस्तावेज तैयार कर बेचते थे बाइक
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह चोरी की बाइक खपाने के लिए सुनियोजित नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। थाना पूंजीपथरा और साइबर थाना की टीम ने जब मुकेश प्रधान को दो चोरी की बाइक के साथ पकड़ा, तो पूछताछ में पता चला कि बाइक ऑटो डीलर नेटवर्क के जरिए बेची जाती थीं।
लैलूंगा के कुछ ऑटो डीलरों और पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से लोक सेवा केंद्र के माध्यम से वाहनों के फर्जी पंजीयन और आरसी तैयार किए जाते थे। आरोपी अजय पटेल चेचिस नंबर के आधार पर असली मालिक की जानकारी निकालकर ऑनलाइन पीबीसी कार्ड मंगवाता था। इसके बाद कंप्यूटर में बदलाव कर फर्जी आरसी बनाई जाती और ट्रांसफर कार्ड पर नकली हस्ताक्षर कर खरीदारों को गुमराह किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, प्रिंटर और पीबीसी कार्ड भी बरामद किए हैं।
बरामद तीन बाइक थाना पूंजीपथरा के अपराध क्रमांक 05/2026, 09/2026 और 10/2026 से जुड़ी पाई गई हैं। संगठित तरीके से अपराध करने के कारण मामले में धारा 112(2) के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धारा 317(2) और 336(3) बीएनएस भी जोड़ी गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि संगठित वाहन चोरी गिरोहों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
















