छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने नियमित कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं देने के लिए Bank of Maharashtra के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत बैंक में वेतन खाता रखने वाले कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग योजना’ के अंतर्गत कई उन्नत और निःशुल्क सुविधाएं दी जाएंगी।
समझौते के अनुसार खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में 1.25 करोड़ रुपये तक, हवाई दुर्घटना बीमा में 1 करोड़ रुपये तक, स्थायी पूर्ण दिव्यांगता कवर में 1.25 करोड़ रुपये तक और टर्म बीमा में 10 लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा ‘गोल्डन आवर’ सुविधा के तहत 1 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की व्यवस्था रहेगी। बालिका विवाह के लिए 10 लाख रुपये तक और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।
रियायती दरों पर अतिरिक्त सुविधाएं
खाताधारकों को अन्य आकर्षक बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर दी जाएंगी।
यह समझौता 10 फरवरी 2026 को वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल के अंचल प्रबंधक वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
राज्य सरकार का यह कदम अपने नियमित कर्मचारियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और लाभकारी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
















