घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और फर्जी कनेक्शनों पर नियंत्रण के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने e-KYC और सेफ्टी जांच को अनिवार्य कर दिया है। धमतरी जिले में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए 14 गैस एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
खाद्य विभाग के अनुसार, जिले में करीब 2.50 लाख गैस उपभोक्ता हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के फेज-1 और फेज-2 के तहत लगभग 1,28,643 लाभार्थी शामिल हैं। इसके बावजूद अभी तक केवल 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही e-KYC और सेफ्टी जांच पूरी कराई है। बाकी 30 प्रतिशत उपभोक्ता अभी भी इस प्रक्रिया से दूर हैं।
गैस एजेंसियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं ने e-KYC नहीं कराया है, उन्हें अब गैस सिलेंडर रिफिल कराने में परेशानी हो रही है। वहीं पेट्रोलियम कंपनियों ने फर्जी कनेक्शनों को लॉक करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
सिलेंडर रिफिल के लिए OTP अनिवार्य
अब गैस सिलेंडर बुकिंग की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। पहले फोन कॉल से आसानी से बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब हर बुकिंग का वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है, जिसे डिलीवरी के समय बताना अनिवार्य है। इसलिए मोबाइल नंबर का रजिस्टर्ड होना भी जरूरी है।
गैस एजेंसी संचालक मोहन अग्रवाल के अनुसार, उज्ज्वला और सामान्य दोनों तरह के उपभोक्ताओं में से केवल 70 प्रतिशत ने e-KYC कराया है, जबकि सेफ्टी जांच महज 12 प्रतिशत लोगों ने कराई है। उन्होंने बताया कि सेफ्टी जांच उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी है जांच
अक्सर पुराने या खराब पाइप और अन्य तकनीकी खामियों के कारण गैस लीकेज का खतरा बना रहता है, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनियां लगातार जांच पर जोर दे रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फरवरी के बाद बिना e-KYC और सेफ्टी जांच वाले कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को अंतिम मौका देने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द e-KYC और सेफ्टी जांच कराकर अपने गैस कनेक्शन को सुरक्षित रखें और किसी भी असुविधा से बचें।
















