जम्मू-कश्मीर में आज सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब श्रीनगर-बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि यह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हो सकती है, जिसे किसी बड़ी साजिश के तहत वहां रखा गया हो।
सुरक्षा बलों ने तुरंत संभाला मोर्चा
जैसे ही सुरक्षाबलों की नजर इस संदिग्ध वस्तु पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इसके चलते सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (BDS) को तुरंत मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम संदिग्ध वस्तु की जांच में जुट गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सावधानी के साथ कार्रवाई कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके।
पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने आसपास के क्षेत्रों में सघन पेट्रोलिंग शुरू कर दी है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।
पहले भी मिल चुका है आईईडी
इससे पहले 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के खाबलान इलाके में भी एक आईईडी बरामद की गई थी। सूचना मिलने पर सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे थे और जांच के दौरान इसे विस्फोटक उपकरण के रूप में पहचाना गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया था।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
लगातार मिल रही ऐसी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी बड़ी घटना को रोका जा सके।















