हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा बदसलूकी करने के मामलों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारत के विमानन नियामक DGCA ने ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करने का फैसला किया है। इसका मकसद यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उड़ान के दौरान अनुशासन बनाए रखना है।
इस संबंध में DGCA ने नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इनके तहत एयरलाइंस को एयरपोर्ट और विमान के अंदर बदसलूकी करने वाले यात्रियों से निपटने के लिए स्पष्ट और सख्त प्रक्रिया तैयार करनी होगी।
एयरलाइंस के लिए क्या होंगे नए नियम?
DGCA प्रमुख Faiz Ahmed Kidwai द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक, सभी एयरलाइंस को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाना अनिवार्य होगा। यह SOP एयरपोर्ट और विमान दोनों जगह लागू होगी।
एयरलाइंस को अपने सभी कर्मचारियों, खासकर यात्रियों से सीधे जुड़े स्टाफ को इन नियमों की जानकारी देनी होगी, ताकि समय रहते ऐसे मामलों को रोका जा सके।
इसके अलावा चेक-इन काउंटर, लाउंज, बोर्डिंग गेट और टर्मिनल पर बदसलूकी के शुरुआती संकेत पहचानने और तुरंत रिपोर्ट करने की व्यवस्था भी करनी होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित यात्री को उड़ान भरने से रोका जा सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में कड़ी कार्रवाई
ड्राफ्ट नियमों में यह भी कहा गया है कि Ministry of Home Affairs DGCA और एयरलाइंस को ऐसे लोगों की सूची दे सकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।
इन लोगों को नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल किया जाएगा और यह सूची सार्वजनिक नहीं होगी। खास बात यह है कि ऐसे मामलों में अपील का भी प्रावधान नहीं होगा। जब तक व्यक्ति को खतरा माना जाएगा, तब तक वह उड़ान नहीं भर सकेगा।
यात्री अधिकार और अनुशासन में संतुलन
DGCA ने यह भी माना है कि कई बार खराब सेवा या लगातार असंतोषजनक अनुभव के कारण भी विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए एयरलाइंस को शुरुआत में ही हालात संभालने की कोशिश करनी होगी।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि एयरलाइन स्टाफ या क्रू को किसी भी स्थिति में यात्रियों के साथ असभ्य व्यवहार नहीं करना चाहिए, खासकर जब यात्री अपनी सही शिकायत रख रहा हो।
‘अनरूली’ व्यवहार के चार स्तर
नए नियम भारत से आने-जाने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगे, चाहे एयरलाइन भारतीय हो या विदेशी।
यात्रियों के अनुशासनहीन व्यवहार को चार स्तरों में बांटा गया है, जिनके आधार पर कार्रवाई तय होगी — चेतावनी से लेकर नो-फ्लाई लिस्ट और गंभीर मामलों में आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है।
- लेवल 1: शारीरिक इशारे करना, गाली-गलौज, नशे में हंगामा करना।
- लेवल 2: धक्का देना, मारना, पकड़ना, अनुचित स्पर्श या यौन उत्पीड़न जैसी हरकतें।
- लेवल 3: जानलेवा व्यवहार, जैसे विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना, गला दबाना, आंखों पर हमला या जानलेवा हमला करना।
- लेवल 4: पायलट के केबिन (फ्लाइट क्रू कंपार्टमेंट) में घुसने की कोशिश या उसमें जबरन प्रवेश करना।
















