छत्तीसगढ़ की आर्थिक दिशा तय करने वाला वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आज विधानसभा में पेश किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विष्णु देव साय सरकार का तीसरा बजट सदन में रखा। इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई है और कुल बजट आकार 1.72 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। सरकार ने विकास का आधार ‘ज्ञान’ और ‘गति’ को बताया है।
शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता
बजट में शिक्षा को खास महत्व दिया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी बनाने की घोषणा की गई है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए बड़े ऐलान
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपये दिए जाने की जानकारी दी गई। नए बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और महतारी सदन के लिए 275 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
बालिकाओं के लिए ‘दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 साल पूरे होने पर 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 42 करोड़, आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दवाओं की जांच के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से लैब बनाई जाएगी और रायपुर में नया होम्योपैथी कॉलेज भी खोला जाएगा।
बस्तर-सरगुजा के विकास पर जोर
बजट में बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इंटरनेट सेवाओं को मजबूत करने और 70 नई बस सेवाएं शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे पॉलिसी के लिए 10 करोड़ और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का अनुदान और मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च
सड़क और नगरीय विकास कार्यों के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी गई है। नारायणपुर-जटलूर मार्ग के लिए 28 करोड़, दंतेवाड़ा के लिए 9 करोड़, सुकमा के लिए 7 करोड़, बलरामपुर के लिए 10 करोड़ और इंद्रावती क्षेत्र में 68 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांकेर बैराज परियोजना के लिए 400 करोड़ और बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
20 मार्च तक चलेगा बजट सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत रमेन डेका के अभिभाषण से हुई, जिसमें राज्य के विकास की रूपरेखा रखी गई। साय सरकार का यह तीसरा बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित नजर आ रहा है।
















