अफ्रीका के खिलाफ पिछले मुकाबले में मिली हार के बाद सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने दमदार वापसी करते हुए शानदार जीत दर्ज की है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 72 रनों से हराकर सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया।
मैच में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया, जो इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्कोर में से एक है।
भारतीय बल्लेबाजों का तूफानी प्रदर्शन
भारत की शुरुआत आक्रामक रही। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने तेजी से 24 रन बनाए और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। इसके बाद पिछले कुछ मैचों में संघर्ष कर रहे अभिषेक शर्मा ने शानदार वापसी की और सिर्फ 30 गेंदों में 55 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में कई शानदार चौके और छक्के शामिल रहे।
नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने भी अच्छी लय दिखाई और 38 रन जोड़कर टीम की पारी को मजबूती दी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए और रनगति को लगातार तेज बनाए रखा।
आखिरी ओवरों में बरसा रन
मध्यक्रम के बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। तिलक वर्मा ने सिर्फ 16 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली। वहीं ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों में शानदार अर्धशतक जड़ दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने 4-4 छक्के लगाए और आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ रन बटोरे। इसी का नतीजा रहा कि टीम इंडिया ने 20 ओवर में 256 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुज़ारबानी और सिकंदर रजा को एक-एक विकेट मिला, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों पर उनका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की कोशिश
256 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे टीम की शुरुआत धीमी रही, लेकिन बल्लेबाजों ने संघर्ष जरूर किया। तादिवानाशे मारुमानी ने 20 रन बनाए, जबकि दूसरे ओपनर ब्रायन बेनेट ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से ज्यादा समर्थन नहीं मिला। कप्तान सिकंदर रजा ने 31 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके।
भारतीय गेंदबाजों का दम
भारतीय गेंदबाजों ने भी मैच में शानदार प्रदर्शन किया और जिम्बाब्वे को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। अर्शदीप सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए। अन्य गेंदबाजों ने भी किफायती गेंदबाजी कर दबाव बनाए रखा।
अंत में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 184 रन ही बना सकी और मुकाबला 72 रनों से हार गई।
सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार
इस बड़ी जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ शानदार वापसी की, बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी दावेदारी भी मजबूत कर ली है। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि टीम इंडिया टूर्नामेंट में आगे तक जाने की पूरी क्षमता रखती है।















