छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार (1 मार्च) को शिया मुस्लिमों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त करने और अमेरिका-इजराइल की निंदा करने के लिए मोमबत्ती जुलूस निकाला। यह जुलूस मोमिनपारा इलाके में आयोजित किया गया।
पोस्टरों पर ट्रंप और नेतन्याहू की निंदा
जुलूस में बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई के समर्थन में पोस्टर थे। कुछ पोस्टरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निंदा करते नारे लिखे थे। इससे एक दिन पहले भी उसी इलाके में काले कपड़े पहने पुरुषों ने ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए थे। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया था।
खामेनेई: सिर्फ राजनेता नहीं, धार्मिक मार्गदर्शक भी
जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि खामेनेई केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि शिया समुदाय के धार्मिक मार्गदर्शक और इस्लामी नेता भी थे। उन्होंने इस्लामी सिद्धांतों के आधार पर शासन प्रणाली स्थापित की और उत्पीड़न के खिलाफ खड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खामेनेई ने अन्य देशों में अन्याय झेल रहे लोगों का हमेशा समर्थन किया। जुलूस में सड़कों पर इजराइल और अमेरिकी झंडे के साथ ट्रंप और नेतन्याहू की तस्वीरें भी रखी गई थीं।
राज्य सरकार और केंद्र सरकार सतर्क
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ईरान और खाड़ी देशों में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्रों सहित सभी लोगों के पास वीजा और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार इस स्थिति को लेकर सतर्क हैं और अगर कोई समस्या आती है तो दोनों मिलकर उसका समाधान करेंगे।
















