सोमवार सुबह सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco की रास तनूरा रिफाइनरी को कथित ड्रोन हमले की आशंका के चलते एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि रिफाइनरी परिसर में एक छोटी आग लगी थी, जिसे तुरंत काबू में ले लिया गया। सोशल मीडिया पर रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
रास तनूरा रिफाइनरी सऊदी अरब की सबसे बड़ी और पुरानी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल तेल प्रतिदिन है। यह न केवल रिफाइनिंग का प्रमुख केंद्र है, बल्कि सऊदी तेल निर्यात का भी अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर रिफाइनरी लंबे समय तक बंद रहती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकता है। इसके बंद होने से पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की आपूर्ति घट सकती है, जिससे ब्रेंट और WTI कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ सकता है। खासकर एशिया और यूरोप में शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ने की संभावना है। तेल महंगा होने से महंगाई और ब्याज दरों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे आर्थिक विकास धीमा हो सकता है।
साथ ही, यदि यह बंदी सुरक्षा या हमले के कारण हुई है, तो मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। Strait of Hormuz जैसे रणनीतिक मार्गों पर जोखिम बढ़ने से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और गहरी हो सकती है।
















