ईरान से बड़ी खबर सामने आई है। ईरान का नया सुप्रीम लीडर मोज़तबा खामेनेई बन गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई के बेटे मोज़तबा को विशेषज्ञों की सभा ने अगले सर्वोच्च नेता के रूप में चुना है।
सूत्रों के अनुसार, मोज़तबा का चुनाव ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के दबाव में हुआ। यह फैसला ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद लिया गया। खामेनेई के पास ही देश के प्रमुख निर्णयों, युद्ध, शांति और विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम अधिकार था।
मोज़तबा खामेनेई कौन हैं?
मोज़तबा खामेनेई ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं। उनकी उम्र 56 साल है और वह शिया धर्मगुरु हैं। मोज़तबा का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से घनिष्ठ संबंध है, हालांकि उन्होंने कभी भी निर्वाचित या औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला।
वरिष्ठ धर्मगुरु का पद न होने के बावजूद मोज़तबा का ईरान की सत्ता व्यवस्था में पर्दे के पीछे काफी प्रभाव माना जाता रहा है। ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने ईरानी सशस्त्र बलों में सेवा की थी। 2019 में अमेरिकी वित्त विभाग ने उन पर प्रतिबंध लगाए थे और कहा कि उन्होंने अपने पिता की ओर से आधिकारिक कार्य किए, जबकि वे कभी निर्वाचित नहीं हुए।
पिता शायद चाहते नहीं थे
दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल तैयार संभावित उत्तराधिकारियों की सूची में खामेनेई ने अपने बेटे का नाम शामिल नहीं किया था। इसके पीछे कारण यह भी था कि ईरान के शिया धार्मिक प्रतिष्ठान में पिता से पुत्र को सीधे सत्ता में लाना ठीक नहीं माना जाता।
मोज़तबा खामेनेई अब ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश के प्रमुख फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
















