WhatsApp और Signal के करोड़ों यूजर्स के लिए एक नई चेतावनी जारी की गई है। दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले इन दोनों इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के अकाउंट हैक होने का खतरा बढ़ गया है। खासकर सरकारी विभागों में काम करने वाले अधिकारी, मिलिट्री से जुड़े लोग और कुछ पत्रकार हैकर्स के निशाने पर बताए जा रहे हैं। इस संभावित वैश्विक साइबर हमले को लेकर एक डच सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी ने अलर्ट जारी किया है।
नीदरलैंड की इंटेलिजेंस एजेंसी के अनुसार हाल के दिनों में रूसी हैकर्स सक्रिय हैं और वे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को टारगेट कर रहे हैं। कई मामलों में WhatsApp और Signal यूजर्स के अकाउंट्स हैक होने की बात सामने आई है। हैकर्स लोगों को धोखे में डालकर उनके अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे बनाते हैं यूजर्स को निशाना
सिक्योरिटी एजेंसी का कहना है कि हैकर्स पहले चैटिंग के जरिए यूजर्स से संपर्क करते हैं और उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद निजी जानकारी हासिल कर अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। कई बार हैकर्स खुद को सपोर्ट स्टाफ या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं और बातचीत के दौरान यूजर्स से जरूरी जानकारी ले लेते हैं।
इसके अलावा, हैकर्स WhatsApp और Signal के “लिंक्ड डिवाइस” फीचर का फायदा उठाकर किसी दूसरे डिवाइस को यूजर के अकाउंट से जोड़ देते हैं। ऐसा होने पर वे यूजर की चैट और अन्य गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन भी नहीं बचा पाता
डच एजेंसी का कहना है कि दोनों ऐप्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा होती है, जिससे मैसेज केवल भेजने और पाने वाला ही पढ़ सकता है। लेकिन अगर हैकर्स यूजर के अकाउंट पर ही कंट्रोल हासिल कर लें, तो वे बातचीत तक पहुंच बना सकते हैं। यदि कोई यूजर गलती से अपना वेरिफिकेशन कोड या OTP हैकर्स को दे देता है, तो उसका अकाउंट आसानी से हैक किया जा सकता है।
यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि किसी भी हालत में OTP या वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा अनजान लिंक या संदिग्ध मैसेज पर क्लिक करने से बचें।
यूजर्स को यह भी सलाह दी गई है कि अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर ऑन रखें, ताकि सुरक्षा और मजबूत हो सके। अगर अकाउंट में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पासवर्ड बदलने और सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करने की सलाह दी गई है।














