रायपुर, 12 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा उठाया और इस पर चर्चा की मांग की।
सभापति द्वारा मांग स्वीकार न किए जाने पर कांग्रेस विधायक आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद नियमों के तहत 30 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।
शून्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने कहा कि राज्य में गैस की भारी कमी है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने पहले आश्वासन दिया था कि कोई कमी नहीं होगी, लेकिन अगले ही दिन कीमतें बढ़ा दी गईं। महंत ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस पर चर्चा मांगी।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तर्क दिया कि रसोई गैस राज्य सरकार का विषय नहीं है। पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भले ही आपूर्ति केंद्र का मामला हो, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
हंगामे के कारण कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोबारा सदन शुरू होने पर महंत ने बताया कि राज्य के 36 लाख उपभोक्ता परेशान हैं।
बघेल ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया के संकट के कारण कमर्शियल गैस की किल्लत हो रही है, जिससे बड़े शहरों के 50% होटल बंद हो गए हैं। उन्होंने डर जताया कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो शादी-ब्याह जैसे आयोजन भी रुक जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह गैस के स्टॉक और कालाबाजारी रोकने के इंतजामों की जानकारी दे।
अंत में, सभापति ने यह कहते हुए चर्चा का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया कि यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है।
















